संसद भवन के रिस्क पर दी गई राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को सलामी!

 

 

नई दिल्ली।। प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को देश के 13वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी गई। लेकिन यह सलामी संसद भवन की सेफ्टी को ताक पर रखकर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, पिछले हफ्ते जब नए राष्ट्रपति के लिए तोपों की सलामी का कार्यक्रम तय किया गया था, तब संसद भवन की देख-रेख करने वाली सरकारी एजेंसी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने ऐसा न करने का सुझाव दिया था।

विभाग ने लोकसभा सचिवालय से कहा था कि इमारत की स्थिति को देखते हुए तोपों की सलामी संसद भवन की जगह राष्ट्रपति भवन में दी जाए। विभाग को चिंता थी कि कहीं तोपों की सलामी के कारण संसद भवन की इमारत को नुकसान न पहुंचे।

विभाग के सूत्रों का कहना है कि संसद की 85 साल पुरानी इमारत में कई जगह पैच लगे हुए हैं, ऐसे में धमाके होने से इनके गिरने का खतरा बना रहता है। हालांकि, इस राय को ज्यादा तरजीह नहीं दी गई और राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह के फौरन बाद उन्हें संसद भवन परिसर में 21 तोपों की सलामी दी गई। तोपों के धमाके की आवाज संसद भवन के उस सेंट्रल हॉल में भी गूंजी, जहां शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

संसद भवन के रिस्क पर दी गई राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को सलामी!
संसद भवन के रिस्क पर दी गई राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को सलामी!
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