राष्ट्रपति चुनाव: प्रणव मुखर्जी की जीत। पी.ए.संगमा को हराकर राष्ट्रपति बने मुखर्जी। मुखर्जी को अब तक 5,58,000 से ज्यादा वोट मिल चुके हैं।

राष्ट्रपति चुनाव: प्रणव मुखर्जी की जीत। पी.ए.संगमा को हराकर राष्ट्रपति बने मुखर्जी। मुखर्जी को अब तक 5,58,000 से ज्यादा वोट मिल चुके हैं।
राष्ट्रपति चुनाव: प्रणव मुखर्जी की जीत। पी.ए.संगमा को हराकर राष्ट्रपति बने मुखर्जी। मुखर्जी को अब तक 5,58,000 से ज्यादा वोट मिल चुके हैं।

 

नई दिल्ली।। प्रणव मुखर्जी देश के 13वें राष्ट्रपति बन गए हैं। प्रणव ने अब तक जीत के लिए जरूरी 5,25,140 वोटों से ज्यादा वोट हासिल कर लिए हैं। प्रणव मुखर्जी को अब तक 5,58,000 से ज्यादा वोट मिल चुके हैं। हालांकि, अभी काउंटिंग जारी है और रिजल्ट की औपचारिक घोषणा बाकी है। जीत की औपचारिक घोषणा चुनाव आयोग बाद में करेगा। प्रणव मुखर्जी ने एनडीए उम्मीदवार पी.ए. संगमा को हराया है। गौरतलब है कि कांग्रेसियों ने रविवार की सुबह से ही जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। प्रणव मुखर्जी के आवास 13 तालकटोरा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रवण मुखर्जी के घर कई सीनियर कांग्रेसी नेता पहुंच गए हैं। शाम 5 बजे प्रधानमंत्री मुखर्जी से मुलाकात करेंगे।

संसद भवन के हॉल नंबर 63 में वोटिंग का काम चल रहा है। सांसदों के वोटों में प्रणव मुखर्जी को 527, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी पी. ए. संगमा को 206 सांसदों के वोट मिले हैं। 15 सांसदों के वोट अवैध घोषित किए गए हैं।

अभी विधायकों के वोट गिने जा रहे हैं। अब तक प्रणव को मिले वोटों का मूल्‍य 5,58,000 से ज्यादा वोट मिल चुके हैं, जबकि संगमा को मिले वोटों का मूल्‍य 2,00,000 से ज्यादा है। प्रणव को जीत के लिए 5,25,140 वोटों की जरूरत थी, जिसे वह हासिल कर चुके हैं। काउंटिग को देखते हुए संसद भवन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सरकार की तरफ से कई सीनियर नेता मतगणना स्थल पर मौजूद हैं।

राजनीतिक दल अब इस बात पर चर्चा करने लगे हैं कि मुखर्जी किस तरह के राष्ट्रपति होंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि सालों के अपने अनुभव के कारण प्रणव सबसे बुद्धिमान राष्ट्रपति होंगे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुखर्जी से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब से इस पद के लिए उनके नाम की घोषणा हुई है, पूरे देश में माहौल उनके पक्ष में बना हुआ है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद मुखर्जी की जीत और पुख्ता हो गई थी। मुखर्जी को कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए के अलावा समाजवादी पार्टी (एसपी), बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जनता दल (सेक्युलर) का भी समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा एनडीए के घटक- जनता दल (यूनाइटेड) और शिव सेना तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) व फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी मुखर्जी का समर्थन किया है।

दूसरी ओर, विपक्ष समर्थित उम्मीदवार संगमा को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), अकाली दल, असम गण परिषद, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजेडी) के समर्थन प्राप्त हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया है।

राष्ट्रपति चुनाव: महामिहम बने प्रवण मुखर्जी
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